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दीपावली की शुभकामनाओ के साथ

Posted On: 4 Nov, 2010 Others में

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इन दिनों बाजारों में बड़ी रौनक है | हो भी क्यूँ न दीपावली का तयौहर जो है | कहीं रंगरौगन का काम चल रहा है तो कहीं खरीददारी घर को नायब तरीके से सजाने के लिए | बाज़ार सामानों से अटा पड़ा है | बाज़ार चले जाओ तो आप को इतनी वेरायटी मिल जाएगी की आप  कन्फ्युजा  जायेंगे की  बेहतर क्या है | दिल खोल कर अपनी दिवाली को खुबसुरत और खास बनाने की जुगत भिडाई जा रही है | दिवाली का जो मजा था सब खत्म हो चूका है अब तो दिवाली दिवाला निकलने के लिए आती  प्रतीत होती है पहले की दिवाली याद की जाये तो उसमे सच में रौशनी का त्यौहार का जो मजा था वो अब नहीं रहा | हम पे बाजारवाद हावी हो चूका है | दिखावा भी शामिल है उसके घर में मेरे घर से ज्यादा रौशनी कैसे अरे वाह नया फर्नीचर हम भी ले आयेंगे वैसे भी अब तो सिक्स्थ पे कमीशन लग गया है भाई चिंता किस बात की

चिंता से याद आया मिठाई कहाँ से ली जाये अरे फिर से दिवाली ने जायका  बिगाड़  दिया पिछले बार ही तो कितनी खबर आई थी मिलावट की  और खुद भी पिछली बार कितनी तबियत खराब हो गयी थी मिठाई खाने से  “हम तो मावे के जले हुए है पेठा भी फूंक फूंक कर खाते है” इस बार फिर से  समझ नहीं आ रहा है बिना मिटाई के लक्ष्मी जी को मनाये कैसे उन्हें भोग लगाये कैसे ये सरकार ना कुछ करती नहीं है सरकार ना निक्कमी है एक दम निक्कमी

सरकार से याद आया हमारे कॉमन वेल्थ गेम में तो सरकार ने चांदी काटी खिलाडियों ने सोना बटोरा  और अब धन वर्षा केन्द्र सरकार, राज्य सरकार, गेम एसोसिएशन, बहुत सारी कंपनी आह हम को तो घर वालो ने कहा था पढोगे लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे बनोगे ख़राब

हम तो पछता रहे है साथ में उनको भी पछतावा हो रहा होगा क्यूँ नहीं खेलने दिया | …….. हद हो गयी रहने दीजिये अब इन दुखों को अब पछतावे होत क्या जब चिड़िया चुग गयी खेत

खेत से याद आया इस बार की बारिश ने खूब खेती बाड़ी  बर्बाद कर दी | कभी सूखे से अकाल की मार झेलो, अब बारिश से बर्बाद खेतो के हाल देखो | सुना है सरकार ने बाढ पीडितो के लिए राज्य सरकार को खूब धन राशी दी है मगर बाढ़ पीड़ित जगहों  पर तो लिखा है कार्य प्रगति में है अरे दिवाली के बाद ही कुछ हो पायेगा पता नहीं आप को खैर पता भी कैसे हो ये अन्दर की बात जो है अरे नहीं लक्स कोजी वाला नहीं रे सच वाली अन्दर की बात है अब दिवाली नजदीक है तो केन्द्र सरकार के पैसो से दिवाली मनाई जागेगी तब जाके कार्य प्रगति करेगा अरे ये क्या आप गलत सोचने लगे अब हमारी सरकार इतनी भी बुरी नहीं लक्ष्मी माँ को खुश करेंगे वो खुश हुई तो धन की वर्षा निश्चित है अब धनवर्षा हुई तो भारत वर्ष की तरक्की निश्चित है इसी लिए थोडा सा इंतजार कर लीजिए

इंतजार से याद आया बड़े लम्बे इंतजार के बाद क्रिकेट देखने में मजा आ गया मगर सुना है मजे तो रैना साहब कर रहे थे पता नहीं कितनी सच्चाई है इस बात में जल्द ही अपने दहशत चेनल वाले बता देंगे अरे अरे इतना मत सोचिये कोई नया चेनल लोंच नहीं हुआ है ये चेनल तो पुराना वाला है रे बाबा वो ही जिसको देख कर मुझे हौरार शो से ज्यादा डर लगता है चेन से सोना है तो जाग जाओ वाला जी सही पहचाने वही वाले को हम दहशत चेनल बोल रहे है तो कहाँ थे हम हाँ तो चेनल वाले जल्द ही पूरी रिपोर्ट के साथ आप को गर्मागर्म खबर से रूबरू करा देंगे

खबरों से याद आया आज कल अरुंधती बहुत अनापशनाप बोल रही है मुझे तो लगता है दिवाली का टाइम है किसी ने जादू टोना कर दिया है हो न हो ये मुशरफ़ का किया धरा हों

“कर दिया बेचारी पे टोना, रो रही है वो कश्मीर का रोना”

वाह वाह क्या तुकबंदी   जोड़ा है सभी से दाद चाहूंगी |

वैसे आप सभी को दिवाली की हार्दिक शुभकामनाये ये दिवाली आप के जीवन में रोशनी और मीठी मीठी खुशियाँ लाये

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12 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

bhaijikahin by ARVIND PAREEK के द्वारा
November 12, 2010

सुश्री दिव्‍या जी, (शायद सही सही नाम है आपका या दिव81), सर्वप्रथम तो आपकों व आपके परिवार को दीपावली पर हार्दिक शुभकामनाएं । मैंनें पहले भी शुभकामनाएं यहां पोस्‍ट की थी लेकिन अब उन्‍हें ढूंढ नहीं पा रहा हूँ । खैर देर आयद दूरस्‍त आयद। याद करते करते जो आपने लिखा है उसमें दूनिया को समेटा है । इसलिए टिप्‍पणी में क्‍या लिखुँ उसका टोटा है । अब दाद यहां भी चाहिए क्‍योंकि आपकी तुकबंदी का असर हो गया है ।  एक बात और आपकी अन्‍य पोस्‍ट आपके इस पेज पर अन्‍य ब्‍लॉग शीर्षक के अन्‍तर्गत नजर क्‍यों नहीं आती । कहीं डेशबोर्ड में गलती से पोस्‍ट हाइड करने का विकल्‍प तो क्लिक नहीं हो गया है। अरविन्‍द पारीक

    div81 के द्वारा
    November 12, 2010

    पारिक सर जी, दिव और दिव्या दोनों ही सही नाम है | आप को भी दीपावली ढेरो शुभकामनाये अच्छा असर हुआ आप पर बढ़िया तुकबंदी | सर पोस्‍ट हाइड करने का विकल्‍प तो मुझे कहीं नहीं मिला आप की मदद चाहूंगी यहाँ अगर आप कुछ सहायता कर सके तो |

Ritambhara tiwari के द्वारा
November 5, 2010

प्रिय मित्र! इस लेख और दिवाली की हार्दिक शुभकामनायें!

    div81 के द्वारा
    November 12, 2010

    प्रिय ऋतम्भरा जी , आप को भी दीपावली की शुभकामनये आप के जीवन में सदा मीठी मीठी खुशियाँ मिलती रहे देरी के लिए क्षमा चाहूंगी |

ashvinikumar के द्वारा
November 4, 2010

प्रिय बहन दिल खुश कर दिया (अच्छा व्यंग ) पुनश्च दीपावली की हार्दिक शुभकामना

    div81 के द्वारा
    November 12, 2010

    चलिए दादा आप का दिल तो खुश हुआ ऐसी ही खुशियाँ आप के और आप के परिवारजनों को सदा ही मिलती रहे आप को भी पुनश्च दीपावली की हार्दिक शुभकामना |

Piyush Pant, Haldwani के द्वारा
November 4, 2010

बढ़िया लेख…………….. बढ़िया लेख से याद आया की एक लेख वो भी बढ़िया..मैं भी लिखने वाला हूँ (मजाक..)……. ……. हार्दिक बधाई…… आपको और आपके पुरे परिवार को हमारी और से दिवाली की हार्दिक बधाई ……….. ये दिवाली आपके और आपके परिवार को ढेरों खुशियाँ दे………….

    div81 के द्वारा
    November 12, 2010

    पियूष जी , शुक्रिया देरी के लिए माफ़ी चाहूंगी | दीपावली की मिठाई से फिर नहीं बच पाई और फिर से बीमार पड़ गयी | ये HI दिवाली नहीं आप के जीवन की सभी दिवाली आप के और आप के परिवार में ढेर सारी खुशियुं से भरी हुई हो ………….

atharvavedamanoj के द्वारा
November 4, 2010

नंदा दीप जलाना होगा| अंध तमस फिर से मंडराया, मेधा पर संकट है छाया| फटी जेब और हाँथ है खाली, बोलो कैसे मने दिवाली ? कोई देव नहीं आएगा, अब खुद ही तुल जाना होगा| नंदा दीप जलाना होगा|| केहरी के गह्वर में गर्जन, अरि-ललकार सुनी कितने जन? भेंड, भेड़िया बनकर आया, जिसका खाया,उसका गाया| मात्स्य-न्याय फिर से प्रचलन में, यह दुश्चक्र मिटाना होगा| नंदा-दीप जलाना होगा| नयनों से भी नहीं दीखता, जो हँसता था आज चीखता| घरियालों के नेत्र ताकते, कई शतक हम रहे झांकते| रक्त हुआ ठंडा या बंजर भूमि, नहीं, गरमाना होगा| नंदा दीप जलाना होगा ||…………………………….मनोज कुमार सिंह ”मयंक” दिव्या जी, आपको और आपके सारे परिवार को ज्योति पर्व दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं || वन्देमातरम

    div81 के द्वारा
    November 12, 2010

    माफ़ कीजियेगा मयंक जी देर से दीपावली की शुभकामनाये दे रही हूँ आप को आप के परिवार को दीपावली की ढेरो शुभकामनाये मिठाश से भरी खुशियाँ मिले आप को

aftabazmat के द्वारा
November 4, 2010

दिव्या जी अपने बहुत बढ़िया तरीके से अपनी बात को कहा है. बधाई…

    div81 के द्वारा
    November 12, 2010

    aftabazmat जी लेख को पढने व् प्रतिक्रिया के लिए आप का शुक्रिया |


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