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राहुल बाबा के नाम

Posted On: 19 Dec, 2010 Others में

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कांग्रेश का अधिवेशन फिर कभी मनाइएगा
पहले अपने युवराज को समझाइएगा
पहले भी दो भागो  में बटा था देश
इनकी ही नीति से
अब न इस देश का बटवारा हो पायेगा
बिहार में खायी है मुह की
आमेठी में भी इनका असली चेहरा आ जायेगा
इस देश की मिट्टी की कीमत ये नहीं जनता
मिट्टी का तसला ले कर चलने से
देश का कर्णधार नहीं ये कहलायेगा
यहाँ रहने भर की औकात नहीं
देश की बागडोर कहाँ ये संम्भाल  पायेगा
हिन्दुओं को आतंकवादी ये कहता है
हिंदुस्तान को कहाँ ये समझ पायेगा
ये तो विदेशी देंन है,
हिन्दुस्तानी दिल इसके सिने में
कहाँ फिर धड़क पायेगा
संघ को जाना नहीं इसने
हिन्दुओं को पहचाना नहीं इसने
हिंदुस्तान का युवराज फिर
कैसे इसे कहा जायेगा
काम आता नहीं रत्ती का
सपने देख रहा गद्दी का
ये कैसा इनका भ्रम जाल है
युवा जैसी इनकी सोच नहीं
देश के लिए किया कुछ  नहीं
फिर भी इनका सपना महान है
कहते है युवराज ही कांग्रेश की
आन बान और शान है

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20 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

December 21, 2010

“दिव्या तुम्हारे कहने का बेलौस अंदाज निश्चित ही लोगों को भायेगा.” शानदार.

    div81 के द्वारा
    December 21, 2010

    राजेन्द्र जी आप का शुक्रिया

HIMANSHU BHATT के द्वारा
December 20, 2010

खूबसूरत लेख ! साधुवाद !

    div81 के द्वारा
    December 21, 2010

    हिमांशु जी……… आप का शुक्रिया |

nikhil के द्वारा
December 20, 2010

दिव्या जी ..क्या खूब लिखा है आपने ….. बहुत शानदार बेधड़क और बेबाक…….मुझे आपकी ये रचना बहुत जबरदस्त लगी … शायद किसी ने सही कहा है जो काम हजार भाषण नहीं कर पते वो एक सटीक कविता कर जाती है……ऐसे हर व्यक्ति को समझना होगा की ये देश अब वोट की राजनीती के हथकंडो से नहीं चलेगा… जनता सबका हिसाब करेगी जैसे बिहार में लालू का किया

    div81 के द्वारा
    December 21, 2010

    निखिल जी …….. जनता समझ गयी है बस अब इन राजनेताओ का समझना बाकि है की ऐसे घटिया बयान बजी से कुछ नहीं होने वाला |

anjankumar54 के द्वारा
December 20, 2010

बहुत सही कहा है आपने, खुद को ब्राह्मिण कहते है, हिन्दू होता क्या है, करता क्या है इसका ज्ञान रत्ती भर भी नहीं है, होता तो हिन्दू को कभी आतंकवादी नहीं कहते, और युवराज इन्हें बनाया किसने है?, अपने मुँह मियां मिट्ठू वाली कहावत को चरितार्थ कर रहे है, और क्या कहें.

    div81 के द्वारा
    December 21, 2010

    अंजन जी, सही कहा आप ने मियां मिट्ठू ही तो है ये और मेंढक भी उसी की तरह टर टर कर रहे है | बहुत सी कहावत लगता है इन्ही के लिए बनी है | कुछ कही मत बस देखते जाइये आगे आगे होता है क्या

kmmishra के द्वारा
December 20, 2010

अपनी पूज्यनीय मॉं की तरह फर्जी डिग्रियों वाले युवराज का भारत के प्रति सामान्य ज्ञान असमान्य है । युवराज नाम रख लेने से या कांग्रेसियों की चुटुकारिता से अगर राहुल देश के युवराज हो जाते हैं तब फिर हर नेता का बेटा युवराज है ।

    div81 के द्वारा
    December 21, 2010

    मगर ये सच है की हर नेता का बेटा अपने को युवराज से कम नहीं समझता | मगर ये भी सच है की कब तक ये इस भ्रम में जीते रहेंगे | बिहार में आइना देख ही लिया है |

nishamittal के द्वारा
December 20, 2010

दिव्या जी,हमारे राजनीतिज्ञों (वैसे राहुल जैसे लोगों को राजनीतिज्ञ कहना राजनीति का अपमान करना है क्योंकि राजनीतिज्ञ अपने लिए कुआँ अपने आप नहीं खोदते) का ये फंडा है कि तथाकथित लाभ के लिए जिस देश का वो स्वयं का युवराज बताते हैं उसी को बाटने का षड्यंत्र रचते हैं,बिना आगे पीछे का विचार किये. अच्छी प्रस्तुति.

    div81 के द्वारा
    December 21, 2010

    राजनीती में कोई भी नीति के लिए नहीं राज के लिए ही आते है | आप का शुक्रिया

ASHVINI KUMAR के द्वारा
December 20, 2010

प्रिय बहन राहुल जी भारतीय हैं या इतालवी यह शोध का विषय है क्योंकि इतालवी संविधान के अनुसार उस देश की महिला चाहे देश के पुरुष शादी करे वह एवं उसकी संताने इतालवी नागरिक मानी जायेंगी ,फिर महोदय भारतीय युवराज हैं या इतालवी हो सकता है दोनों हों ,,इटली जिसकी सभ्यता मात्र दो हजार साल पुरानी है वह हिन्दू शब्द या जीवन शैली को क्या समझ पायेगा, अब युवराज भारतीय होते तो कम से कम भारतीयता का प्रथम अक्छर का ज्ञान उन्हें अवश्य होता भारतीय जिसने आतंकियों को भी सदमार्ग पर चलने की शीक्छा दी आक्रान्ताओं को भी सत्य मार्ग पर चलने का उपदेश दिया न जाने कितने धर्मों की जन्म स्थली यही भारत भूमि है,कम से कम इस भारत भूमि का युवराज तो ऐसा नही हो सकता ,वैसे युवराज शब्द पर महात्मा बुद्ध अनायास ही याद आ गये वह भी भारतीय युवराज ही थे,…….जय भारत

    div81 के द्वारा
    December 21, 2010

    अश्विनी दादा नमस्कार , युवराज उसको बनाया किसने है | अन्धो में काना रजा है वो कांग्रेश पार्टी में अब कोई बचा नहीं की जिसके हाथ में कमांड दी जाये तो उन सब अन्धो ने मिलकर काणे को अपना युवराज घोषित कर दिया है |

ashutoshda के द्वारा
December 19, 2010

div81 जी नमस्कार div जी चिंता मत करों अगर ये समझते है की ये धार्मिक रोटिया सेकते रहंगे तो ये इनकी गलत फहमी है बिहार की जनता ने दिखा दिया है की वो अब परिपक्व हो चुकी है और धार्मिक राजनीती के लिए जनता के पास कोई जगह नहीं है ! आशुतोष दा

    div81 के द्वारा
    December 21, 2010

    आशुतोष दा, नमस्कार सच कहा आप ने कब तक ये एक ही लोलीपोप दे कर जनता को उल्लू बनाते रहेंगे अब जनता जान चुकी ही की धर्म के नाम पर राजनीती नहीं की जा सकती |

Piyush Pant, Haldwani के द्वारा
December 19, 2010

राहुल गांधी………… युवा राजनीति का चेहरा………. पर अगर यही युवा राजनीति है तो इसे बूढ़ों के लिए ही छोड़ दिया जाना चाहिए………… घर के झगड़े बाज़ारों मे नहीं सुलझते……… ये बड़े बुड़े कहते हैं………. पर यहाँ तो घर मे झगड़ा शुरू करवाने का प्रयास बाज़ार मे खड़े हो कर किया जा रहा है…………. सार्थक रचना बधाई……….

    div81 के द्वारा
    December 21, 2010

    पियूष जी, युवा लोग अपने बूढों का ही अनुसरण कर रहे है राहुल भी तो माँ का आँचल पकड़ कर राजनीती के गुण सीख रहा है

deepakkumarsahu के द्वारा
December 19, 2010

मैडम जी राहुल गांधी का यह बयान निंदनीय है और देश के हिंदुओं के मुँह पर करारे तमाचे से कम नही है इनसे हम भविष्य का प्रधानमंत्री बनाने की आश कैसे कर सकते हैं? क्या राहुल गांधी इतने नादान हैं कि देश के दुश्मनों कि भी पहचान नही कर सकते? बहुत अच्छा ब्लॉग लिखा आपने धन्यवाद दीपक http://deepakkumarsahu.jagranjunction.com/

    div81 के द्वारा
    December 21, 2010

    दीपक जी, राहुल तो बच्चे है और माँ का अंचल पकड़ कर चलना सीख रहे है और कभी कभी हाथ छोड़ा कर भागने की जो चेष्ठा करते है तो गिर पड़ते है उसी का नतीजा सामने आ रहा है |


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