पहचान

खुद से, जिंदगी से और खुशियों से

56 Posts

1777 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 3085 postid : 165

"काश अगर ऐसा हो जाए"

Posted On: 30 Dec, 2010 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

da

दूरियां होने से यादे धुंधली हो जाती लेकिन  कुछ यादें ऐसी होती है जो जिंदगी भर आप के साथ रहती है | यादे खट्टी  मीठी सी उन्ही  यादो के झरोखों से आप सब के लिए एक कविता लायी हूँ | जो कि मेरी नहीं अश्वनी दादा कि है उनकी ही इजाजत से आप सब के सामने रख रही हूँ |

काश कभी ऐसा हो जाए ,
दुनिया में बस हम और तुम हो ,
सारा जग खो जाए ,

काश कभी ऐसा हो जाए ,,
जब जब मै तुझे याद करूं ,
तेरी जुदाई में आहें भरूं ,

तूँ मेरी बाहों में आ जाए ,

काश कभी ऐसा हो जाए ,,
सारा दिन तेरी याद में गुजरे ,

रात में ख़्वाबों में आकर ,
प्यार के मीठे गीत सुनाये,

काश कभी ऐसा हो जाए ,,
ना हो दुनिया दीन का बंधन,

ना कोई दूजा ना कोई दुश्मन ,
हम एक दूजे की बाहों में ,
दुनिया से रुखसत हो जाएँ ,
काश अगर ऐसा हो जाए ,,..

daaa

aaa

| NEXT

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (4 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

29 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Aakash Tiwaari के द्वारा
January 3, 2011

दिव जी, आपने एक ऐसी रचना पोस्ट की है की पढने के बाद हर इंसान अपने अतीत में खोने से बच नहीं पायेगा….बहुत उम्दा बहुत ही खूबसूरत ….दादा को …बधाई.. आकाश तिवारी

HIMANSHU BHATT के द्वारा
January 1, 2011

दिव्या जी…. एक बेहद खुबसूरत रचना…. ना हो दुनिया दीन का बंधन…. ना कोई दूजा ना कोई दुश्मन…. सुंदर पंक्तियाँ…. धन्यवाद एवं नव वर्ष की शुभकामनायें….

    div81 के द्वारा
    January 2, 2011

    हिमांशु जी, आप को भी नववर्ष की शुभकामनाये आने वाला हर पल आप के जीवन को खुशियों से भर दे ………..प्रतिक्रिया के लिए शुक्रिया

वाहिद के द्वारा
January 1, 2011

दिव्या जी| आज तो आपने यादों का वो झरोखा खोल दिया जहाँ से अतीत में झांकना सहज हो जाता है| एक प्रसिद्ध और अपने प्रिय गीतों में से एक की कुछ पंक्तियाँ याद आ गयीं’ दिल कहता है तू है यहाँ तो जाता लम्हा थम जाए, वक़्त का दरिया बहते-बहते इस मंज़र में जम जाये’, बहुत ख़ूब| वाहिद

    div81 के द्वारा
    January 2, 2011

    वाहिद जी, आप ही की तरह मेरा भी पसंदीदा गीत है ये इसके बोलो को फिर से याद दिलाने के लिए आप का शुक्रिया

roshni के द्वारा
January 1, 2011

दिव जी आप को नव वर्ष की शुभकामनाएं । आगामी वर्ष अपने आगमन् के साथ आपके जीवन में खुशियों की बहार लाएं और सम्पूर्ण वर्ष आप व आपके परिवार के लिए मंगलकारी हो। रौशनी

    div81 के द्वारा
    January 2, 2011

    शुक्रिया रौशनी जी, मेरी भी यही मनोकामना है की आप के जीवन में ये नववर्ष तरक्की, उन्नति, खुशियाँ ले कर आये और आप के परिवार को नयी रौशनी से भर जाये :)

nishamittal के द्वारा
January 1, 2011

मेरा नेट प्रोब कर रहा था इसलिए कोई कम नहीं हो प् रहा hai.nav आपके लिए आपकी मनोवांछित सारी खुशियें दे.

    div81 के द्वारा
    January 2, 2011

    निशा जी शुक्रिया आप के जीवन में भी सदा खुशियों और खुशियों का डेरा रहे …………..और यूँ ही आप का प्यार मिलता रहे :)

chaatak के द्वारा
January 1, 2011

नव वर्ष आपको सफलता, समृद्धि, प्रसिद्धि, बल, निरोग एवं ढेर सारी खुशियाँ प्रदान करे ! शुभम-मंगलम!

    div81 के द्वारा
    January 2, 2011

    चातक जी, आप को भी नववर्ष की मंगलकामना ये और आने वाले सभी साल आपके जीवन में खुशियाँ और सफलता लाये

atharvavedamanoj के द्वारा
December 31, 2010

लाली छाये दशों दिशा में, जगमग जगमग हो जग सारा | नवल वर्ष के नव प्रभात को विनत हमारी, नमन हमारा || शीतल, मलय सुवासित नंदन वन सा मह मह महके भारत | कोकिल सा कूके इस जग में खग सा चह चह चहके भारत | फटे शत्रुओं पर बन घातक ज्वाला भक् भक् भभके भारत | शौर्य, तेज का तीक्ष्ण हुताशन बनकर दह दह दहके भारत | तड तड टूटे सारे बंधन जीर्ण शीर्ण हो सारी कारा | नवल वर्ष के नव प्रभात को विनत हमारी नमन हमारा || शेष फिर कभी वंदे भारत मातरम मनोज कुमार सिंह मयंक एक हिंदू आतंकवादी

    div81 के द्वारा
    January 2, 2011

    मनोज जी, बहुत खूब ……………….आप को भी नववर्ष की मंगल कामना

abodhbaalak के द्वारा
December 31, 2010

Div ji sundar rachna, bhale aap likhe ya ashvin ji, achchi hai to achchi hi kahlaayegi. kahin na kahin har prem me doobe hue premi jode kuchh aisa hi sochte hain. kash ….

    div81 के द्वारा
    January 2, 2011

    जी बिलकुल सही कहा आप ने ……………………….प्रतिक्रिया के लिए शुक्रिया

Syeds के द्वारा
December 31, 2010

काश कभी ऐसा हो जाये…. दिव्या जी ,खूबसूरत पंक्तियाँ… दुआ है की आपके लिए और सरे ब्लोगर्स के लिए नववर्ष तरक्कीऔर धीर साड़ी खुशियाँ लेकर आये… http://syeds.jagranjunction.com

    Syeds के द्वारा
    December 31, 2010

    * धीर साड़ी=ढेर सारी

    div81 के द्वारा
    January 2, 2011

    शुक्रिया syeds जी, आप के जीवन में भी ये नववर्ष खुशियों की सौगात लेकर आये |

Deepak Sahu के द्वारा
December 31, 2010

महोदया जी सबसे पहले आपको नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें! मदहोश कर देने वाली पंक्तियाँ है आपकी! बधाई दीपक http://deepakkumarsahu.jagranjunction.com/

    div81 के द्वारा
    January 2, 2011

    दीपक जी, आप को भी नववर्ष की शुभकामनाये नया साल आप के जीवन में बहुत सी खुशियाँ ले कर आये | प्रतिक्रिया के लिए शुक्रिया

nishamittal के द्वारा
December 31, 2010

अति सुन्दर अभिव्यक्ति मनोभावों की.बधाई तुमको इसलिए कि एक बेहतरीन रचना सबसे शेयर की और साथ ही अश्विनी भाई को जिनकी ये रचना है.नववर्ष मंगलकारी हो.

    div81 के द्वारा
    January 2, 2011

    निशा जी, अश्विनी दादा तक आप की बधाई पहुँच गयी है ….उनकी तरफ से शुक्रिया और नववर्ष की मंगलकामनाये

Amit Dehati के द्वारा
December 31, 2010

बहुत खुबसूरत अच्छा लगा , अच्छी पोस्ट के लिए हार्दिक बधाई ! http://amitdehati.jagranjunction.com

    div81 के द्वारा
    January 2, 2011

    अमित जी आप का शुक्रिया

वाहिद के द्वारा
December 31, 2010

“दिल कहता है तू है यहाँ तो जाता लम्हा थम जाए, वक़्त का दरिया बहते-बहते इस मंज़र में जम जाए;” दिल के जज़्बात का बेहतरीन इज़हार, आपका बहुत शुक्रिया, वाहिद

    div81 के द्वारा
    January 2, 2011

    कभी यूँ भी तो हो परियों की महफ़िल, कोई तुम्हारी बात हो और तुम आओ वाहिद जी प्रतिक्रिया के लिए शुक्रिया

balsajag के द्वारा
December 31, 2010

सच मॆं काश कि ऎसा हो जाये…… भावनाऒं कि सुंदर अभिव्यकि्त …

    Rawal Kishore के द्वारा
    December 31, 2010

    बहुत अच्छी रचना है जी पढ़ कर बहुत अच्छा लगा

    div81 के द्वारा
    January 2, 2011

    रावल जी, बलसजग जी, आप दोनों का का बहुत -बहुत शुक्रिया


topic of the week



latest from jagran