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प्यार मुझको भी हो जाये तो कुछ बात हो

Posted On: 15 Feb, 2011 Others में

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प्यार इश्क में
तब्दील हो जाये
तो कुछ बात हो
प्यार मुझको भी हो जाये
तो कुछ बात हो
मिलती नहीं है मंज़िल इसमें
प्यार कि राहों में, फिर भी
मैं भी खो जाऊँ
तो कुछ बात हो
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प्यार में ऊँचाइयाँ है
उन उंचाइयों को
मैं भी छु पाऊँ
तो कुछ बात हो
प्यार में गहराईयां है
इन गहराइयों में
ग़ुम मैं भी हो जाऊँ
तो कुछ बात हो
Picture14
प्यार इक नशा है
उस खुमार में
मदहोश मैं भी हो जाऊँ
तो कुछ बात हो
प्यार अनंत है
इश्क के क्षितिज में
ग़ुम मैं भी हो जाऊँ
तो कुछ बात हो
Picture13
जुदाई के साथ मिलन भी हो
तो कुछ बात हो
प्यार में मोहब्बत ही नहीं
तकरार भी हो
तो कुछ बात हो
Picture17
प्यार में मैं (अंह) न हो के
हम हो जाये
तो कुछ बात हो
प्यार सारे जहाँ से हो जाये
तो कुछ बात हो
गुस्सा दिल में न हो के
ज़ुबान पे हो
प्यार ज़ुबान पे न हो के
दिल में हो जाये
तो कुछ बात हो
प्यार दिखावा न हो के
मोहब्बत भरा ज़ज़्बा हो जाये
तो कुछ बात हो
Picture21
प्यार कुँज गली सा हो जाये
तो कुछ बात हो
प्यार राधा मोहन सा हो जाये
तो कुछ बात हो
हीर- रांझा, शीरीं फरहाद, लैला मजनू
इनकी जमात में एक नाम मेरा भी हो जाये
तो कुछ बात हो
प्यार का अर्थ
मैं खुद समझ जाऊँ
तो कुछ बात हो
प्यार इश्क में
तब्दील हो जाये
तो कुछ बात हो
प्यार मुझको भी हो जाये
तो कुछ बात हो
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57 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

RAJEEV KUMAR JHA के द्वारा
April 23, 2012

प्यार इक नशा है उस खुमार में मदहोश मैं भी हो जाऊँ तो कुछ बात हो प्यार अनंत है इश्क के क्षितिज में ग़ुम मैं भी हो जाऊँ तो कुछ बात हो बहुत सुन्दर पंक्तियाँ.

surendr shukl bhramar5 के द्वारा
April 18, 2012

प्रिय मित्र प्रतीक जी बड़े ही दुःख और खेद के साथ ये आप को लिखना पड़ रहा है की ये रचना “प्यार मुझको भी हो जाये तो कुछ बात हो” जो की दिव्या जी द्वारा जागरण जंक्सन में १५-फरवरी -२०११ को डाली गयी थी ..पता चला की चोरी हो गयी है ..आप के ब्लॉग पर ये पोस्ट देख हैरानी हुयी कृपया स्पष्ट करें ..आप ने लिखा है मेरी कविताओं का संग्रह ..संग्रह तो किसी कवी लेखक की कविता का भी होता है पर उससे अनुमति ले कर कृपया अपना पक्ष स्पष्ट करें ..ये मान मर्यादा के विपरीत है और इसे किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता .. आशा है आप या तो दिव्या जी से इसकी अनुमति ले लें या तो फिर इस पोस्ट को हटा दें ……. http://div81.jagranjunction.com/2011/02/15/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%9D%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%8B-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A5%87-%E0%A4%A4%E0%A5%8B-%E0%A4%95/#comment-१६३२, दिव्या जी के पोस्ट की लिंक जागरण जंक्शन में उपर्युक्त है …. भ्रमर ५

surendr shukl bhramar5 के द्वारा
April 18, 2012

दिव्या जी आप की बात को जरुर दिनेश प्रतीक जी तक पहुंचाई जाएगी..ब्लागिंग में हम जुड़े भी हैं एक दूसरे के समर्थक भी हैं ..बड़ी ही चिंता का विषय है हर जगह चोरी और खुले आम सीना जोरी..अगर आप का नाम दे के पोस्ट किया होता तो शायद आप की अनुमति मिल भी जाती ?? ..मैंने आप की यह पोस्ट नहीं पढ़ी थी शायद और वहां अच्छी लगी इस लिए वहां प्रतिक्रिया दिया था ,,, साइबर चोरी बहुत बढ़ गयी है सब कोई कम से कम अपने खाते तो जरुर बचाना भाई .. भ्रमर ५

jai... के द्वारा
April 24, 2011

बहुत सुन्दर ………………

संदीप कौशिक के द्वारा
April 23, 2011

दिव्य जी, सगुण प्रेम को बयां करती आपकी ये रचना पढ़कर दिल मानो कहीं जन्मों पुरानी यादों में खो-सा गया | इतनी सुंदर कृति के लिए आपको बधाई |

rddixit के द्वारा
March 23, 2011

wah divyaji pyaar aur ishk mein bhi itana goorh fark, bahut khoob. pyaar sare jehan se ho jaye to koi baaat ho, lekin ishk….?

chaatak के द्वारा
March 2, 2011

दिव्या जी, इस रचना में कुछ ऐसा है (या कहूं सबकुछ ऐसा है) लगता है मानों कोई मेरे विचारों को शब्द दे कर मुझे ही निःशब्द कर रहा हो| बहुत खूब! बहुत खूब! बहुत खूब!

shab के द्वारा
March 1, 2011

बहुत अच्छी कविता लिखी है आपने ….बधाई हो…

    div81 के द्वारा
    March 7, 2011

    शब् जी …..हौसला बढाती प्रतिक्रिया के लिए .आप का शुक्रिया

praveeen tiwari के द्वारा
March 1, 2011

bahut hi pyari kavita likhi hai apne……………..padh ke accha laga…………….

    div81 के द्वारा
    March 7, 2011

    प्रवीण जी आप का बहुत बहुत शुक्रिया ……….जान कर हर्ष हुआ की आप को मेरी कविता पसंद आई

syeds के द्वारा
February 19, 2011

दिव्या जी हमेशा की तरह ही बहुत खूबसूरत कविता…तस्वीरें भी आपने अच्छी लगायी हैं…वैसे चिड़िया रौशनी जी से मांगी हैं क्या?… बेहद सुन्दर कविता… बढ़ियाँ ५/५ http://syeds.jagranjunction.com

    div81 के द्वारा
    February 20, 2011

    syeds जी, हमेशा की तरह उत्त्साह बढ़ाने के लिए आप का शुक्रिया …………………. रोशनी जी की चिड़िया उड़ के मेरे आँगन में आ गयी थी | इन तस्वीरों को ढूंढने में बड़ा वक़्त लगा मगर आप की प्रतिक्रिया से इतना यकीं हो गया की मेरी मेहनत रंग लायी :)

Rajan के द्वारा
February 16, 2011

वैसे तो मई कविताओं से दूरी बना कर रहता हूँ मगर आपके खुबसूरत ब्लॉग में मुझे रोक लिया.. बेहतरीन सजावट कर रखी है आपने ने… आपकी कविता भी… बहुत सरल और प्यारी है.. अच्छा लगा आपके पेज पर आकर… keep it up ….

    div81 के द्वारा
    February 20, 2011

    राजन जी, अच्छा लगा ये जानकर की आप को मेरी लिखी कविता और छोटी सी कोशिश पसंद आई | आशा है आप आगे भी हौसला बढ़ाते रहेंगे | …………….शुक्रिया

rajkamal के द्वारा
February 16, 2011

नमस्कार दिव्या बहन इस रचना के बारे में सुंदर और सभी भावों से परिपूर्ण के इलावा और कुछ भी कहना मेरे बूते से बाहर है …. बहुत -२ बधाई

    div81 के द्वारा
    February 20, 2011

    राजकमल भाई, आप ने सब कुछ कह दिया अपनी प्रतिक्रिया में :) ……….आप का बहुत बहुत शुक्रिया

rajkamal के द्वारा
February 16, 2011

दिव्या बहन …..नमस्कार आपकी पिछली रचना में वर्तमान हकीकत और भावी भविष्य की अनोखी कल्पना की गई थी …. उन दोनों के सुमेल से वोह रचना बहुत ही बढ़िया हास्य रचना बन पड़ी थी ….. बहुत -२ मुबारकबाद

    div81 के द्वारा
    February 20, 2011

    फिर से आप का बहुत बहुत शुक्रिया ऐसी ही हौसला बढ़ाते रहिएगा |

allrounder के द्वारा
February 16, 2011

दिव्या जी नमस्कार, कुछ भी नहीं छोड़ा आपने प्यार के बारे मैं इस रचना मै! अगर आप ये कविता प्रतियोगिता के लिए लिखती तो मैं ये तो नहीं कह सकता इसको प्रथम पुरस्कार मिलता किन्तु इतना विश्वास के साथ कह सकता हूँ की ये बहुत टक्कर देती ! मगर मैंने कहीं पढ़ा था आप इस प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं है, और हम आपके फैसले का सम्मान करते है ! मगर अब आप इसे फिल्म फेयर अवार्ड ( JJ contest ) की बजाये किसी पत्रिका मैं प्रकाशित करवाइए आपकी ये कविता आमिर खान की फिल्मों की भांति आस्कर के लिए नामित होगी ! बहुत ही बेहतरीन कविता पर आपको हार्दिक बधाई !

    div81 के द्वारा
    February 20, 2011

    सचिन जी, अरे बाबा आप ने कुछ ज्यादा ही तारीफ कर दी मगर आप का तहे दिल से शुक्रिया मेरी कविता की इतनी तारीफ के लिए बस इतना ही कहना चाहूंगी की आप सभी ब्लोगर साथियों को मेरी कविता पसंद आये मेरे लिए ये ही मेरा इनाम है उससे ज्यादा की उम्मीद नहीं रखती हूँ | आप की प्रतिक्रिया के लिए क्या कहूँ बिन मांगे मिले मोती जैसा है :) फिर से एक बार जर्रानवाजी के लिए शुक्रिया

Aakash Tiwaari के द्वारा
February 16, 2011

div जी, बहुत ही खूबसूरत और सुंदर रचना…. आकाश तिवारी

    div81 के द्वारा
    February 20, 2011

    आकाश जी, खुबसूरत सी प्रतिक्रिया के लिए आप का तहे दिल से शुक्रिया

priyasingh के द्वारा
February 16, 2011

सुन्दर भावमयी रचना…………………

    div81 के द्वारा
    February 20, 2011

    प्रिया जी, आप का शुक्रिया …………………………………

February 16, 2011

दिव्या जी, सुन्दर भावपूर्ण रचना.

    div81 के द्वारा
    February 20, 2011

    राजेंद्र जी, आप का शुक्रिया …………..

HIMANSHU BHATT के द्वारा
February 16, 2011

दिव जी बहुत सुंदर लिखा है आपने…. साथ ही चित्रों का सुंदर संयोजन… काबिले तारीफ है… एक नज़र इधर भी डालियेगा http://himanshudsp.jagranjunction.com/2011/02/16/an-appeal/

    div81 के द्वारा
    February 20, 2011

    हिमांशु जी,हौसला बढाती प्रतिक्रिया के लिए आप का तहे दिल से शुक्रिया ….जी बिलकुल

pooja के द्वारा
February 16, 2011

kuchh baat alag hai apki kavita mein

    div81 के द्वारा
    February 20, 2011

    पूजा जी, :) कुछ अलग सी प्रतिक्रिया के लिए आप का शुक्रिया

Alka Gupta के द्वारा
February 16, 2011

दिव्या जी , अति सुन्दर व उच्च भावों से सजी चित्रमय प्रस्तुति के लिए बधाई !

    div81 के द्वारा
    February 20, 2011

    आदरणीय अलका जी, हौसला बढाती प्रतिक्रिया के लिए आप का शुक्रिया

jeetrohann के द्वारा
February 16, 2011

जो दिल को छु न जाये वो कविता कैसी ! शब्दों और चित्रों का बढ़िया मेल किया है

    div81 के द्वारा
    February 20, 2011

    आप का शुक्रिया जीत रोहन्न जी |

deepak pandey के द्वारा
February 16, 2011

दिव्या जी,सुन्दर चित्रों और पंक्तियो से सजी ये कविता दिल को छू गई…..क्या बात है..

    div81 के द्वारा
    February 20, 2011

    दीपक जी, हौसला बढाती प्रतिक्रिया के लिए आप का शुक्रिया

nishamittal के द्वारा
February 16, 2011

दिव्या जी ,यूँ तो मुझको प्ररे सभी रचनाएं पसंद है पर उद्देश्यपूर्ण,भावपूर्ण चित्रमय यह रचना बेजोड़ है.बहुत बधाई,शुभकामनाएं.

    div81 के द्वारा
    February 20, 2011

    आदरणीय निशा जी, आप से मैंने एक छोटी सी रिक्वेस्ट की थी आप शायद भूल गयी | आप मुझे सिर्फ दिव्या कह सकती है मुझे अच्छा लगेगा | आप का तहे दिल से शुक्रिया दिल जो दिल के भाव थे वो ही शब्दों के जरिये आप सब के सामने रख दिए आप को प्रतियोगिता में शार्टलिस्टेड होने की बधाइयां, व चयनित होने की शुभकामनाएं ।

वाहिद काशीवासी के द्वारा
February 16, 2011

दिव्या जी, आप ने जिस व्यक्तित्व का परिचय दिया है मैं श्रद्धावनत हो गया हूँ| आपकी चार पंक्तियों -  “गुस्सा दिल में न हो के ज़ुबान पे हो प्यार ज़ुबान पे न हो के दिल में हो जाये” -  ने मानवीय संवेदना (प्राणी मात्र से प्रेम और निश्छल व्यवहार)का सुन्दर उदाहरण प्रतिबिंबित कर दिया है| चित्रमय प्रस्तुति आपके सुघड़ आलेख को और दर्शनीय बना रही है. साभार,

    div81 के द्वारा
    February 20, 2011

    वाहिद जी, आप के कहे अनुसार मैंने अपना वादा निभाया :) प्रतियोगिता में हिस्सा लिए बिना भी हम इसका हिस्सा बने उम्मीद है आप को अब कोई शिकायत नहीं होगी | जीतना या हारना मायने नहीं रखता मायने रखता है बुद्धिजीवी वर्ग तक अपनी उपस्थिति दर्ज कराना | और उनके द्वारा हौसला बढाती एक छोटी सी प्रतिक्रिया भी बहुत मायने रखती है मेरे लिए वो ही सबसे बड़ी उपलब्धि है और इनाम भी | कविता से मैच करती फोटोग्राफ सर्च करने में पूरा दिन निकल गया था | मगर ख़ुशी इस बात की है की आप सभी को वो कोशिश पसंद आई | और प्यार के असली मायने तो यही है न की उसमे मानवीय संवेदना हो ………………. कविता के जरिये जो बात में कहना चाहती थी उसको समझने के लिए आप का शुक्रिया

Harish Bhatt के द्वारा
February 16, 2011

दिव्या जी नमस्ते, बहुत ही बेहतरीन दिल को छू जाने वाली रचना के लिए हार्दिक बधाई.

    div81 के द्वारा
    February 20, 2011

    आदरणीय हरीश जी, मेरी छोटी सी कोशिश आप को पसंद आई हौसलाफजाई के लिए आप का बहुत बहुत शुक्रिया

RaJ के द्वारा
February 15, 2011

उन्मुक्त विचारों का स्वागत चित्रमय प्रस्तुति पर बधाई

    div81 के द्वारा
    February 20, 2011

    राज जी, आप का शुक्रिया ………………….

rajni thakur के द्वारा
February 15, 2011

दिव्या जी, भावों की अभिव्यक्ति और चित्रों का संयोजन -दोनों अच्छी लगी.

    div81 के द्वारा
    February 20, 2011

    रजनी जी, बहुत ढूंढने के बाद ये फोटो मुझे मिल पाए | आप को चित्र संयोजन पसंद आया मेरी मेहनत सफल हो गयी | आप का शुक्रिया कविता को पसंद करने के लिए

आर.एन. शाही के द्वारा
February 15, 2011

भाव के मनोभाव अनमोल हैं दिव्या जी … बधाई ।

    div81 के द्वारा
    February 20, 2011

    आदरणीय शाही जी, आप की प्रतिक्रिया देख कर प्रसन्नता हुई | हौसला बढाती प्रतिक्रिया के लिए आप का तहे दिल से शुक्रिया ……….

shab के द्वारा
February 15, 2011

bahut achchi rachna…

    div81 के द्वारा
    February 20, 2011

    शब nice name …..शब, जी ……..आप का शुक्रिया

nikhil के द्वारा
February 15, 2011

दिव्या जी बेहतरीन भाव ,, बेहतरीन शब्द ,बेहतरीन पंक्तिया , बेहतरीन प्रस्तुति और एक अर्थपूर्ण रचना.. ……….. इसके लिए धन्यवाद ..

    div81 के द्वारा
    February 20, 2011

    निखिल जी, आप का तहे दिल से शुक्रिया अच्छा लगा ये जानकर की आप को मेरी ये रचना पसंद आई | इतने खुले दिल से तारीफ करने के लिए आप का आभार

sanjaykumar के द्वारा
February 15, 2011

Good poem and also good pictures ………..

    div81 के द्वारा
    February 20, 2011

    sanjay ji thanks a lot for ur appreciation……………

vinitashukla के द्वारा
February 15, 2011

अभिव्यक्ति की अच्छी कोशिश. सुन्दर प्रस्तुति. बधाई.

    div81 के द्वारा
    February 20, 2011

    विनीता जी, मेरी कोशिश को सराहने करने के लिए आप का शुक्रिया


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